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डाक विभाग का फर्जी बोर्ड लगाकर शराब तस्करी! सिमुलतला पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 1080 लीटर विदेशी शराब जब्त।

रिपोर्ट : बाबर अंसारी |

SKN भारत – सच की नज़र जमुई/सिमुलतला। बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को खुली चुनौती देते हुए शराब माफिया अब तस्करी के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। इस बार तस्करों ने पुलिस और प्रशासन की आंखों में धूल झोंकने के लिए पिकअप वैन पर ‘डाक पार्सल’ का फर्जी बोर्ड लगा दिया। लेकिन सिमुलतला थाना पुलिस की सतर्कता के आगे उनकी सारी चालाकी धरी की धरी रह गई।रविवार को सिमुलतला पुलिस ने फिल्मी अंदाज में पीछा कर एक संदिग्ध पिकअप वैन को थाना गेट के सामने दबोच लिया। तलाशी के दौरान वाहन से 121 कार्टन में भरी 1080.72 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई। पुलिस ने मौके से चालक को भी गिरफ्तार कर लिया।थानाध्यक्ष रूबी कुमारी ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि झारखंड के रास्ते शराब की बड़ी खेप क्षेत्र से गुजरने वाली है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम रेलवे सबवे के समीप चौकसी बढ़ाकर वाहनों की जांच कर रही थी। तभी बिना नंबर प्लेट की एक पिकअप वैन दिखाई दी, जिस पर डाक विभाग जैसा दिखने वाला फर्जी बोर्ड लगा था।जैसे ही पुलिस ने वाहन रोकने का प्रयास किया, चालक ने गाड़ी की रफ्तार बढ़ाकर भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने भी पीछा शुरू कर दिया। कुछ ही देर में थाना गेट के सामने वाहन को घेरकर रोक लिया गया और चालक को गिरफ्तार कर लिया गया।गिरफ्तार चालक की पहचान झारखंड के धनबाद जिले के बरमसिया निवासी कृष्णा धीवर के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि शराब की खेप धनबाद से लोड की गई थी और उसे देवघर से वाहन सौंपा गया था। यह खेप बांका जिले तक पहुंचाई जानी थी।पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि तस्करों ने मुख्य सड़कों से बचने के लिए रेलवे अंडरपास और ग्रामीण रास्तों का सहारा लिया था, ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके। हालांकि सिमुलतला पुलिस की मुस्तैदी ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।बरामद शराब में रॉयल मेंशन गोल्ड व्हिस्की ब्रांड की कुल 3060 बोतलें शामिल हैं। जब्त शराब की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।इस सफल अभियान में थानाध्यक्ष रूबी कुमारी, अवर निरीक्षक पंकज कुमार, नीलम कुमार तथा गश्ती दल की टीम शामिल रही। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और इसके पीछे सक्रिय शराब माफियाओं की तलाश में जुट गई है।SKN भारत सच की नजरशराबबंदी वाले बिहार में तस्करों की बढ़ती सक्रियता कई सवाल खड़े कर रही है। डाक विभाग का नाम और बोर्ड इस्तेमाल कर तस्करी करने का यह मामला बताता है कि शराब माफिया कानून से बचने के लिए कितने शातिर तरीके अपना रहे हैं। हालांकि सिमुलतला पुलिस की यह कार्रवाई शराब तस्करों के लिए बड़ा संदेश है कि कानून से बच निकलना अब आसान नहीं होगा।

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