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जमुई में आज से विशेष दिव्यांगता शिविरों का आगाज, घर बैठे मिलेगा राष्ट्रीय UDID कार्ड।

​जिलाधिकारी श्री नवीन (भा.प्र.से.) के कुशल दिशा-निर्देश में बरहट प्रखंड से हुई शुरुआत।
​सभी 10 प्रखंडों में रोस्टर के अनुसार आयोजित होंगे शिविर, मौके पर ही मेडिकल बोर्ड करेगा दिव्यांगता का त्वरित मूल्यांकन।
​डीएम ने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और मीडिया से की इस महाभियान को सफल बनाने की अपील।
​जमुई। समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार के निर्देशों के आलोक में जमुई जिला प्रशासन द्वारा दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए एक बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक पहल की शुरुआत की गई है। जिलाधिकारी श्री नवीन (भा.प्र.से.) के कुशल मार्गदर्शन में आज से जिले के सभी प्रखंडों में रोस्टर के अनुसार ‘विशेष दिव्यांगता शिविरों’ का आयोजन शुरू हो गया है, जिसकी पहली कड़ी आज बरहट प्रखंड से जुड़ी।
​इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले दिव्यांगजनों को जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल की दौड़ लगाने से मुक्ति दिलाना है। अब दिव्यांगजनों को अपनी जांच या प्रमाण पत्र के लिए कहीं भटकना नहीं पड़ेगा, बल्कि उनके अपने प्रखंड में ही तैनात मेडिकल बोर्ड के विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा मौके पर ही दिव्यांगता का त्वरित मूल्यांकन किया जाएगा। इसके साथ ही पूरी पारदर्शिता के साथ ऑनलाइन माध्यम से विशिष्ट पहचान पत्र यानी यू.डी.आई.डी. (UDID) कार्ड प्रदान करने की प्रक्रिया भी मौके पर ही पूरी की जाएगी।
​क्या है UDID कार्ड और इसके फायदे?
यह विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (UDID) केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा जारी किया जाने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण डिजिटल दस्तावेज है। यह पूरे देश में एक मानक पहचान पत्र के रूप में पूरी तरह मान्य है। इस एकल डिजिटल कार्ड में दिव्यांगता के प्रकार, प्रतिशत और धारक की पूरी प्रोफाइल सुरक्षित रहती है, जिससे दिव्यांगजनों को बार-बार अलग-अलग विभागों में जाकर अपनी दिव्यांगता साबित करने के झंझट से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।
​इस कार्ड के माध्यम से दिव्यांगजन देश भर में रेल, बस और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में मिलने वाली वैधानिक रियायतों का लाभ उठा सकते हैं। साथ ही, केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा पेंशन, निःशुल्क सहायक उपकरण वितरण, शैक्षणिक छात्रवृत्ति, कौशल विकास कार्यक्रम और ऋण सुविधाओं तक उनकी पहुँच बेहद सुगम, सीधी और पारदर्शी हो जाएगी।


​11 से 22 जून तक का प्रखंडवार रोस्टर:
प्रशासन द्वारा जारी रोस्टर के अनुसार ये शिविर निम्नलिखित तिथियों को आयोजित किए जाएंगे:
​11 जून: बरहट (शुरुआत)
​12 जून: लक्ष्मीपुर
​13 जून: गिद्धौर
​14 जून: झाझा
​16 जून: सोनो
​17 जून: चकाई
​18 जून: खैरा
​19 जून: सिकंदरा
​20 जून: इस्लामनगर अलीगंज
​22 जून: जमुई प्रखंड


​दिव्यांगजन समाज के अभिन्न हिस्से: जिलाधिकारी
शिविर के गरिमामयी शुभारंभ के अवसर पर जिलाधिकारी श्री नवीन ने कहा, “दिव्यांगजन हमारे समाज के अत्यंत आदरणीय और ऊर्जावान हिस्से हैं। उन्हें दया की नहीं, बल्कि समुचित सम्मान और समान अवसरों की आवश्यकता है। सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सम्मानपूर्वक पहुँचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।” उन्होंने आगे कहा कि अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों के दिव्यांगजन शारीरिक सीमाओं के कारण जिला मुख्यालय नहीं आ पाते थे, इसी समस्या को दूर करने के लिए प्रशासन खुद तकनीक और डॉक्टरों की टीम के साथ उनके गृह प्रखंड तक पहुँच रहा है, ताकि वे पूरे स्वाभिमान के साथ समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
​जिला प्रशासन की अपील: इस महाभियान में दें साथ
जिला प्रशासन ने जमुई के सभी स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, प्रबुद्ध नागरिकों और मीडिया बंधुओं से अपील की है कि वे इसे एक सामाजिक सरोकार के रूप में अपनाएं। अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार कर निर्धारित तिथियों को दिव्यांगजनों को शिविर स्थल तक पहुँचाने में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाएं ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
​शिविर में आने वाले आवेदक अपने साथ ये जरूरी दस्तावेज जरूर लाएं:
बिना किसी तकनीकी बाधा के मौके पर ही ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए आवेदकों को निम्नलिखित सामग्री साथ लाने का अनुरोध किया गया है:
​पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड की छायाप्रति (Photocopy)
​हाल ही में खिंचवाई गई दो पासपोर्ट साइज फोटो
​यदि पहले से कोई पुराना दिव्यांगता प्रमाण पत्र उपलब्ध हो, तो उसकी प्रति
​एक सक्रिय (चालू) मोबाइल नंबर
​जिला प्रशासन ने सभी दिव्यांग भाई-बहनों से अपील की है कि वे इस सुनहरे अवसर का अधिकतम लाभ उठाएं और अपने गृह प्रखंड के शिविर में निश्चित रूप से शामिल हों।

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