सिमुलतला/झाझा (जमुई)।
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बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर नल-जल योजना खुरंडा पंचायत के तिलोना गांव में दम तोड़ती नजर आ रही है। भीषण गर्मी के बीच गांव के लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए परेशान हैं। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को पीने का पानी लाने के लिए दूर-दराज के चापाकलों और अन्य जलस्रोतों का सहारा लेना पड़ रहा है।भाकपा माले के झाझा प्रखंड सचिव कंचन रजक ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की लागत से चलाई गई नल-जल योजना तिलोना गांव में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना था, लेकिन अधिकांश घरों में नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है। इससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।कंचन रजक ने कहा कि ग्रामीणों द्वारा कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद संबंधित विभाग और प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि योजना के संचालन और रखरखाव में भारी लापरवाही बरती जा रही है, जिसके कारण ग्रामीणों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ रहा है।भाकपा माले ने मांग की है कि तिलोना गांव में नल-जल योजना को अविलंब दुरुस्त कर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही योजना में हुई कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो भाकपा माले ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन शुरू करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ सरकार हर घर तक पानी पहुंचाने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ तिलोना गांव के लोग आज भी पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। अब सभी की निगाहें प्रशासन और संबंधित विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं।रिपोर्ट : बाबर अंसारी SKN भारत – सच की नज़र


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