







सिमुलतला (जमुई)। महान दार्शनिक, प्रख्यात शिक्षाविद् एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर शनिवार को सिमुलतला क्षेत्र के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षक दिवस श्रद्धा, गरिमा और अभूतपूर्व उत्साह के साथ मनाया गया। सिमुलतला आवासीय विद्यालय, राधा मेमोरियल एकेडमी, समारिटन स्कूल, हैदराबाद सेंट्रल विद्यालय एवं रैंकर फाइंडर ट्यूशन प्वाइंट समेत छोटे-बड़े शिक्षण संस्थानों में दिनभर विविध कार्यक्रमों की धूम रही।समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती एवं डॉ. राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने स्वागत गीत, शास्त्रीय एवं लोक नृत्य तथा भावपूर्ण नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा की जीवंत झलक प्रस्तुत की। विद्यार्थियों ने शिक्षकों के सम्मान में स्वरचित ग्रीटिंग कार्ड एवं उपहार भेंट किए तथा चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

राधा मेमोरियल एकेडमी के निदेशक दिवाकर सिंह ने कहा कि सशक्त, संस्कारवान और समृद्ध समाज की आधारशिला शिक्षकों की निष्ठा और समर्पण पर टिकी होती है। शिक्षकों को अपने कर्तव्य एवं दायित्व के प्रति सदैव पूरी तरह जवाबदेह रहना चाहिए।हैदराबाद सेंट्रल विद्यालय के निदेशक लालबहादुर यादव ने गुरु की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति की आत्मा हमारी प्राचीन और अक्षुण्ण गुरु-शिष्य परंपरा में निहित है।वहीं समारिटन स्कूल के प्रबंधक शुभाशीष घोष ने विद्यार्थियों को अनुशासित जीवनशैली अपनाने और निरंतर ज्ञान अर्जित करने का संदेश दिया।रैंकर फाइंडर ट्यूशन प्वाइंट में आयोजित कार्यक्रम में समाजसेवी कुमार विमलेश एवं स्टेशन प्रबंधक अखिलेश कुमार ने डॉ. राधाकृष्णन के आदर्शों और राष्ट्र निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान को याद किया।सुबह से लेकर शाम तक पूरा सिमुलतला क्षेत्र गुरु वंदना, सम्मान, उल्लास और कृतज्ञता के रंग में रंगा नजर आया। शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करते हुए शिक्षा एवं संस्कार के महत्व का संदेश दिया।
