





18 सितंबर को प्रस्तावित महा ऋण वितरण को लेकर जीविका और बिहार ग्रामीण बैंक की समन्वय बैठक।
आपकी प्रेस विज्ञप्ति को SKN Bharat सच की नजर के लिए फ्रंट-पेज शैली में अधिक प्रभावशाली और समाचार-पत्र जैसा रूप दिया है:जीविका दीदियों के लिए ऋण वितरण की तैयारी तेज18 सितंबर को प्रस्तावित महा ऋण वितरण को लेकर जीविका और बिहार ग्रामीण बैंक की समन्वय बैठकजमुई, 14 सितंबर 2026। वित्तीय समावेशन को मजबूत करने और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी जीविका दीदियों को बैंकिंग सेवाओं एवं ऋण सुविधाओं से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सोमवार को महत्वपूर्ण पहल की गई। जीविका की प्रखंड इकाई जमुई सदर एवं खैरा कार्यालय में बिहार ग्रामीण बैंक के अधिकारियों एवं शाखा प्रबंधकों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की गई।बैठक की अध्यक्षता डीपीएम जीविका श्री संजय कुमार ने की। बैठक में आगामी 18 सितंबर को प्रस्तावित महा ऋण वितरण कार्यक्रम की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने ऋण वितरण की प्रक्रिया को समयबद्ध एवं सुगम बनाने को लेकर रणनीति तैयार की, ताकि अधिक से अधिक स्वयं सहायता समूहों को समय पर बैंकिंग सुविधा और ऋण उपलब्ध कराया जा सके।बैठक में विशेष रूप से उन स्वयं सहायता समूहों की पहचान कर उनके बचत खाते एवं ऋण खाते शीघ्र खुलवाने पर जोर दिया गया, जिनका अभी तक बैंक खाता या ऋण खाता नहीं खुल पाया है। बैंकिंग प्रक्रिया में आने वाली समस्याओं को दूर कर जीविका दीदियों तक वित्तीय सेवाओं की पहुंच आसान बनाने पर भी चर्चा हुई।डीपीएम जीविका संजय कुमार ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि जीविका और बैंक के बीच बेहतर समन्वय से अधिक से अधिक दीदियों को वित्तीय सेवाओं का लाभ दिलाया जा सकता है।वहीं, बिहार ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक अमरदीप ने कहा कि बैंक जीविका दीदियों को स्वावलंबी बनाने के लिए आवश्यक सहयोग देने को प्रतिबद्ध है। स्वयं सहायता समूहों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने और बैंकिंग सेवाओं तक उनकी पहुंच बढ़ाने के लिए जीविका के साथ निरंतर समन्वय किया जा रहा है।बैठक में बिहार ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक अमरदीप, क्रेडिट मैनेजर अभिषेक कुमार, प्रबंधक सूक्ष्म वित्त वीरेंद्र शर्मा, खैरा एवं जमुई सदर के शाखा प्रबंधक, प्रभारी बीपीएम जमुई सदर प्रियम जैन, बीपीएम खैरा निरूपम घोष सहित संबंधित प्रखंडों के क्षेत्रीय एवं सामुदायिक समन्वयक मौजूद रहे।मुख्य बिंदु- 18 सितंबर को प्रस्तावित महा ऋण वितरण की तैयारियों की समीक्षा- स्वयं सहायता समूहों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने की रणनीति- लंबित बचत एवं ऋण खाते शीघ्र खोलने पर जोर- जीविका दीदियों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने की पहल- महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष फोकसथंबनेल के लिए दमदार लाइन:“18 सितंबर को महा ऋण वितरण! जीविका दीदियों को मिलेगा बड़ा बैंकिंग सहारा”चाहें तो मैं इसी खबर का SKN Bharat
