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बिहार में सौर ऊर्जा क्रांति: ‘सूर्यघर बिजली योजना’ से रचेगा नया इतिहास​।

​➔ मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई हाई-लेवल मीटिंग, 14 जून को सीएम करेंगे शुभारंभ

​➔ जमुई डीएम नवीन ने संवेदकों और आम जनता से की इस महा-अभियान में जुड़ने की अपील

शास्त्री नगर (एसकेएन भारत ब्यूरो):बिहार अब सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचने की दहलीज पर खड़ा है। राज्य में बिजली उपभोक्ताओं को भारी-भरकम बिलों से मुक्ति दिलाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ‘सूर्यघर बिजली योजना’ को धरातल पर उतारने की तैयारी पूरी हो चुकी है। इसी सिलसिले में आज बिहार के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत (IAS) की अध्यक्षता में एक अत्यंत महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।​इस हाई-लेवल मीटिंग में राज्य भर में योजना की प्रगति और आगामी रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में जमुई के जिला पदाधिकारी (डीएम) श्री नवीन (IAS) भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधे जुड़े और अपने जिले की विस्तृत कार्ययोजना को साझा किया।​

🏠 2.5 लाख घरों पर लगेंगे सोलर रूफटॉप: मुख्य सचिव​मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने बैठक में अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि राज्य के विकास के दृष्टिकोण से यह योजना बेहद महत्वपूर्ण है।​बड़ा लक्ष्य: राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में कुल 2.5 लाख घरों पर ‘सूर्य घर’ यानी सोलर रूफटॉप स्थापित करने का एक बड़ा और महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।​भव्य शुभारंभ: इस योजना का विधिवत शुभारंभ आगामी 14 जून को माननीय मुख्यमंत्री द्वारा किया जाएगा।​मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि सौर ऊर्जा का यह अभियान बिहार को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक युगांतरकारी कदम साबित होने जा रहा है।​”जो गरीब परिवार आर्थिक तंगी के कारण बिजली के भारी बिलों से परेशान रहते हैं, उनके घरों पर लगने वाला यह सूर्य घर उनके लिए महज एक सरकारी योजना नहीं बल्कि जीवनभर का आनंदोत्सव साबित होगा।”— श्री प्रत्यय अमृत, मुख्य सचिव, बिहार​

🤝 संवेदक हमारी टीम के हिस्से, दबाव मुक्त होकर करें काम​समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने योजना को लागू करने वाले संवेदकों (कॉन्ट्रैक्टर्स) की भूमिका को सबसे महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि संवेदकों को महज एक कार्यबल न मानकर, उन्हें अपनी सरकारी टीम के महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में देखा जाए।​गुणवत्ता से समझौता नहीं: संवेदक बिना किसी मानसिक दबाव के स्वतंत्रतापूर्वक और बेहतर ढंग से कार्य करें, लेकिन कार्य की तकनीकी गुणवत्ता में कोई कमी नहीं होनी चाहिए।​प्रशासन का पूरा सहयोग: समय पर कार्य पूरा करने के लिए सरकार और जिला प्रशासन की ओर से संवेदकों को हर संभव तकनीकी और प्रशासनिक सहायता प्रदान की जाएगी।​

जमुई को राज्य में मिसाल बनाने का संकल्प: डीएम नवीन​मुख्य सचिव से मिले निर्देशों के बाद जमुई के जिलाधिकारी श्री नवीन ने जिले के नागरिकों और संवेदकों से इस योजना को सफल बनाने की एक सामूहिक अपील की है।​डीएम नवीन ने कहा कि जमुई जिले का भौगोलिक परिवेश और यहां मिलने वाली प्रचुर धूप सौर ऊर्जा के लिए एक अभूतपूर्व वरदान है। उन्होंने जिले के विकास में संवेदकों की भागीदारी को रेखांकित करते हुए उनसे आगे बढ़कर इस महा-अभियान की कमान संभालने की अपील की।​डीएम की जमुई वासियों से मुख्य अपील:​जमुई के नागरिक आगे आएं और इस कल्याणकारी योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपने घरों को सौर ऊर्जा से रोशन करें।​संवेदक पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और अटूट प्रतिबद्धता के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर सोलर पैनल स्थापित करें।​सभी के सामूहिक प्रयास से जमुई जिला इस योजना के क्रियान्वयन में पूरे बिहार के लिए एक मिसाल बनकर उभरेगा।

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