



भाकपा माले ने कहा—जनता की आवाज दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं, कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन।

झाझा, 11 सितंबर 2026।झाझा के वर्णवाल सेवा सदन में शुक्रवार को भाकपा माले की जिला स्थायी कमिटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता भाकपा माले के जिला सचिव शम्भू शरण सिंह ने की। बैठक में झाझा प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) सुनील कुमार चाँद पर राजनीतिक कार्यकर्ता कंचन रजक के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर चर्चा हुई। पार्टी नेताओं ने मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।बैठक के बाद आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में भाकपा माले के राज्य कमिटी सदस्य बाबू साहब सिंह ने आरोप लगाया कि 3 सितंबर को झाझा BDO के कार्यालय कक्ष में कंचन रजक के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने इसे प्रशासनिक रवैये पर गंभीर सवाल बताते हुए कहा कि जन समस्याओं और आम लोगों के अधिकारों की आवाज उठाने वाले कार्यकर्ताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए।बाबू साहब सिंह ने कहा कि कंचन रजक गरीब, मजदूर और आम नागरिकों की समस्याओं को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से मिलने गए थे। उनके अनुसार, किसी जनप्रतिनिधि या राजनीतिक कार्यकर्ता के साथ कथित अभद्र व्यवहार प्रशासनिक पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की।भाकपा माले जिला सचिव शम्भू शरण सिंह ने भी घटना को निंदनीय बताते हुए कहा कि जन समस्याओं को उठाने वाले राजनीतिक कार्यकर्ताओं के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है।वहीं, खेत मजदूर नेता बासुदेव राय ने चेतावनी दी कि यदि जिला प्रशासन ने मामले में हस्तक्षेप नहीं किया और दोषी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई, तो सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं तथा आम जनता के साथ मिलकर आंदोलन और विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।झाझा प्रखंड के पूर्व प्रभारी जयराम तुरी ने कहा कि जनता की आवाज को दबाने की कोशिश सफल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यदि BDO सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं, तो पार्टी आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर जिले में आंदोलन करेगी।बैठक में अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला सचिव मनोज कुमार पांडेय, रमेश यादव, जयराम तुरी, राहुल यादव, कृष्ण कुमार मालाकार, कालू मरांडी समेत अन्य पार्टी नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।नोट: BDO सुनील कुमार चाँद या जिला प्रशासन का पक्ष इस प्रेस विज्ञप्ति में शामिल नहीं है। मामले में उनका पक्ष मिलने पर खबर को दोनों पक्षों के बयान के साथ अपडेट किया जा सकता है।
