

विदेश नीति, अवॉर्ड और अंतरराष्ट्रीय छवि को लेकर प्रकाशित किया आलोचनात्मक आलेख।

नई दिल्ली। लेखक एवं राजनीतिक विश्लेषक बादल सरोज ने अपने एक आलेख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया विदेश यात्राओं, विभिन्न देशों से मिले सम्मानों तथा भारत की विदेश नीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि हाल के विदेशी दौरों के दौरान प्रधानमंत्री को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में आलोचनात्मक टिप्पणियां प्रकाशित हुईं और कई देशों में दिए गए सम्मान चर्चा का विषय बने।आलेख में लेखक ने प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं की संख्या, उन पर होने वाले खर्च और उनसे देश को मिलने वाले लाभ पर भी प्रश्न उठाए हैं। उन्होंने भारत की वैश्विक रैंकिंग, भूख, मानव विकास, शांति और अन्य सूचकांकों का उल्लेख करते हुए सरकार की नीतियों की आलोचना की है।लेखक का कहना है कि किसी भी देश की विदेश नीति उसकी आंतरिक नीतियों का प्रतिबिंब होती है और वर्तमान परिस्थितियों में सरकार को विदेश दौरों की अपेक्षा देश के आर्थिक एवं सामाजिक मुद्दों पर अधिक ध्यान देना चाहिए।हालांकि, इस संबंध में केंद्र सरकार या प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से इस आलेख में किए गए दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।नोट: यह समाचार लेखक बादल सरोज के प्रकाशित आलेख में व्यक्त विचारों और दावों पर आधारित है। इन दावों का स्वतंत्र सत्यापन इस खबर में नहीं किया गया है।
