

पहले दिन सन्नाटा, दूसरे दिन बढ़ी रैयतों की भागीदारी; NH-333A भू-अर्जन शिविर में 18 आवेदन जमा।

NH-333A भू-अर्जन शिविर के दूसरे दिन बढ़ी रैयतों की भागीदारी, 18 आवेदन हुए जमासिमुलतला/जमुई: राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-333A) निर्माण परियोजना को गति देने के उद्देश्य से जिला भू-अर्जन कार्यालय, जमुई द्वारा आयोजित तीन दिवसीय विशेष भू-अर्जन शिविर के दूसरे दिन राहत भरी तस्वीर सामने आई। पहले दिन एक भी आवेदन नहीं मिलने के बाद शुक्रवार को रैयतों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली और कुल 18 आवेदन आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा किए गए।कनौदी सरकार पंचायत भवन में 23 से 25 जुलाई तक आयोजित इस विशेष शिविर के पहले दिन अधिकारी पूरे दिन रैयतों का इंतजार करते रहे थे। शिविर में मौजूद राजस्व अधिकारी बी.एन. झा, राजस्व कर्मचारी मिथिलेश कुमार एवं परवेज आलम के पास एक भी आवेदन नहीं पहुंचा था।हालांकि, दूसरे दिन स्थिति बदली और भूमि अधिग्रहण से संबंधित 18 आवेदन प्राप्त हुए। इससे प्रशासन को उम्मीद जगी है कि राष्ट्रीय राजमार्ग 333ए निर्माण परियोजना के लिए भू-अर्जन प्रक्रिया में अब तेजी आएगी।प्रशासन ने श्रीटांड़, खुरंडा, सिमुलतला, घोरपारन और सियांटांड गांव के संबंधित रैयतों से अपील की है कि वे 25 जुलाई तक अपने सभी आवश्यक दस्तावेज शिविर में जमा कर दें, ताकि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके।राजस्व अधिकारी बी.एन. झा ने बताया कि शिविर के अंतिम दिन शेष जमीन मालिकों के भी आवश्यक कागजात के साथ पहुंचने की पूरी संभावना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अंतिम दिन अधिक से अधिक आवेदन प्राप्त होंगे और राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण परियोजना के लिए भू-अर्जन कार्य में तेजी आएगी।
