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मीडिया के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण समय’— लोकजतन सम्मान ग्रहण कर बोले राजेंद्र शर्मा।



भोपाल में लोकजतन सम्मान समारोह, मीडिया की भूमिका और फिल्मों के दुरुपयोग पर हुई चर्चा।

भोपाल में राजेंद्र शर्मा को ‘लोकजतन सम्मान-2026’, बोले— मीडिया के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण दौर; शैली स्मृति व्याख्यानमाला का शुभारंभ
खबर,भोपाल। दुष्यंत कुमार स्मारक पाण्डुलिपि संग्रहालय में आयोजित गरिमामय समारोह में वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र शर्मा को ‘लोकजतन सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें परिवर्तनकामी और जनपक्षधर पत्रकारिता में लंबे योगदान के लिए प्रदान किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता व्यंग्यकार एवं कवि वीरेन्द्र जैन ने की, जबकि सम्मान पत्र वरिष्ठ संपादक डॉ. राम विद्रोही ने भेंट किया।सम्मान ग्रहण करने के बाद अपने संबोधन में राजेंद्र शर्मा ने कहा कि देश का मीडिया आज अपने सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाला मीडिया आज जनता के अविश्वास और बहिष्कार का सामना कर रहा है। उनके अनुसार बड़ी पूंजी के बढ़ते प्रभाव और सत्ता के साथ गठजोड़ के कारण मीडिया की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि आज कई स्वतंत्र यूट्यूबर और युवा पत्रकार सच को सामने लाने का साहस दिखा रहे हैं और इसके लिए उन्हें दमन भी झेलना पड़ रहा है।कार्यक्रम में वर्ष 2020 के लोकजतन सम्मान से सम्मानित छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला को भी मानपत्र प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल लेखन का कार्य नहीं, बल्कि जनता के साथ खड़े रहने की जिम्मेदारी भी है।लोकजतन के संपादक बादल सरोज ने बताया कि यह सम्मान हर वर्ष संस्थापक-संपादक शैलेन्द्र शैली की जयंती (24 जुलाई) पर उन पत्रकारों को दिया जाता है, जो कठिन परिस्थितियों में भी निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता कर रहे हैं।इसी अवसर पर शैली स्मृति व्याख्यानमाला-2026 का भी शुभारंभ हुआ। प्रख्यात फिल्म समीक्षक जवरीमल्ल पारख ने पहले व्याख्यान में कहा कि फिल्मों का इस्तेमाल झूठ को सच और अयथार्थ को यथार्थ के रूप में प्रस्तुत करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इतिहास और आजादी के आंदोलन को विकृत करने वाली फिल्मों के जरिए समाज में भ्रम फैलाने की कोशिश हो रही है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि दबाव के बावजूद कई फिल्में आज भी समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं।व्याख्यानमाला का आयोजन 7 अगस्त तक प्रदेश के तीन दर्जन से अधिक स्थानों पर किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ कहानीकार मनोज कुलकर्णी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन संध्या शैली ने किया। समारोह में बड़ी संख्या में पत्रकार, साहित्यकार, सामाजिक कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी उपस्थित रहे।
