केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को लिखा खुला पत्र, नए कानून को बताया भेदभावपूर्ण और संविधान की संघीय व्यवस्था के खिलाफ।

मनरेगा बंद करने का फैसला ग्रामीण गरीबों पर क्रूर प्रहार, वीबी-ग्रामजी नियम वापस ले सरकार : बृंदा करात।

नई दिल्ली, 29 जून।मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की वरिष्ठ नेत्री बृंदा करात ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर “विकसित भारत–रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम (वीबी-ग्रामजी)” के तहत जारी नए नियमों को भेदभावपूर्ण बताते हुए इन्हें तत्काल वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मनरेगा को बंद करना और उसकी जगह नया कानून लागू करना करोड़ों ग्रामीण मजदूरों, खासकर महिलाओं, दलितों और आदिवासियों के लिए गंभीर संकट पैदा करेगा।बृंदा करात ने अपने पत्र में राजस्थान के उदयपुर जिले के एक आदिवासी गांव का उदाहरण देते हुए बताया कि ऑनलाइन हाजिरी, बायोमेट्रिक पहचान और नेटवर्क की समस्याओं के कारण मजदूरों को काम से वंचित होना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बुजुर्ग महिला मजदूरों का चेहरा पहचान प्रणाली से सत्यापन नहीं हो पाने के कारण उन्हें रोजगार नहीं मिल रहा है।उन्होंने कहा कि नए नियमों में राज्यों की भूमिका सीमित कर दी गई है और अधिकांश निर्णय लेने का अधिकार केंद्र सरकार के पास केंद्रित कर दिया गया है। उनके अनुसार यह संविधान की संघीय व्यवस्था की भावना के विपरीत है।बृंदा करात ने यह भी आरोप लगाया कि फंड आवंटन के लिए अपनाए गए मानदंड भेदभावपूर्ण हैं। उनका कहना है कि आबादी और प्रति व्यक्ति जीएसडीपी के आधार पर राज्यों को धन देना उन ग्रामीण मजदूरों के साथ अन्याय है, जिन्हें रोजगार की सबसे अधिक आवश्यकता है।उन्होंने मजदूरी भुगतान, ई-केवाईसी, आधार आधारित पहचान, ऑनलाइन पंजीकरण तथा तकनीक पर अत्यधिक निर्भरता को भी ग्रामीण गरीबों के लिए बड़ी बाधा बताया। उनका कहना है कि देश के लाखों मजदूरों के पास स्मार्टफोन या बेहतर इंटरनेट सुविधा नहीं है, जिससे वे रोजगार से बाहर हो सकते हैं।पत्र में यह भी मांग की गई है कि सोशल ऑडिट के लिए स्वतंत्र निकाय बनाया जाए तथा पंचायतों और मजदूर संगठनों को निर्णय प्रक्रिया में उचित भागीदारी दी जाए।अंत में बृंदा करात ने केंद्र सरकार से वीबी-ग्रामजी के नियमों को वापस लेने, मनरेगा को जारी रखने और 1 जुलाई से इसे समाप्त करने के प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने की अपील की है।

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