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मरम्मत के 8–10 दिन बाद ही फिर टूटा पुलिया, टेलवा–बांका मुख्य मार्ग पर आवागमन ठप।

मरम्मत के 8 दिन बाद ही पुलिया ध्वस्त, टेलवा–बांका मार्ग पर आवागमन बंद”।

मरम्मत के 8–10 दिन बाद ही फिर टूटा पुलिया, टेलवा–बांका मुख्य मार्ग पर आवागमन ठपचान्दन (बांका)। टेलवा बाजार से बांका को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर चान्दवारी–भोरसार के बीच बनी पुलिया एक बार फिर बरसात की मार नहीं झेल सकी। करीब 8–10 दिन पहले ही क्षतिग्रस्त पुलिया की मरम्मत कर मिट्टी डालकर आवागमन बहाल किया गया था, लेकिन बुधवार की तेज बारिश के बाद पुलिया फिर से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इसके साथ ही इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया है।बताया जा रहा है कि 28 सितंबर को भी पुलिया क्षतिग्रस्त हुई थी, जिसके बाद किसी तरह मिट्टी आदि डालकर इसकी मरम्मत की गई थी। लेकिन सवाल यह है कि जब कुछ दिन पहले ही मरम्मत की गई थी, तो आखिर ऐसी कौन-सी व्यवस्था की गई कि पहली ही जोरदार बारिश में पुलिया दोबारा टूट गई?पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से टेलवा बाजार, चान्दवारी, भोरसार, केन्दुआर समेत आसपास के कई गांवों के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। छात्रों, किसानों, व्यापारियों और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिया की स्थायी और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत की जरूरत है। केवल मिट्टी डालकर या अस्थायी तरीके से रास्ता बहाल करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। लोगों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से जल्द से जल्द पुलिया की जांच कराकर मजबूत तरीके से निर्माण/मरम्मत कराने की मांग की है।अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि कुछ ही दिन पहले हुई मरम्मत के बाद फिर टूट चुकी इस पुलिया की जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी? क्या विभाग के इंजीनियर मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच करेंगे, या फिर एक बार दोबारा मिट्टी डालकर खानापूर्ति कर दी जाएगी?स्थानीय लोगों में चर्चा है—“बिहार है साहब, यहां कुछ भी संभव है!” अब देखना होगा कि विभाग इस बार पुलिया की स्थायी मरम्मत करता है या फिर अगली बारिश का इंतजार करता है।

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