

कोरबा, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ किसान सभा के नेतृत्व में एसईसीएल के चिरमिरी क्षेत्र अंतर्गत रानी अटारी एवं विजय वेस्ट भूमिगत खदान में मंगलवार, 13 अक्टूबर को नौ घंटे तक खदान बंद आंदोलन चलाया गया। आउटसोर्सिंग कंपनी जेएमएस द्वारा 32 मजदूरों को बिना नोटिस काम से हटाए जाने के विरोध में खनन प्रभावित गांवों के सैकड़ों मजदूरों और किसानों ने प्रदर्शन किया। सुबह 6 बजे से दोपहर 3 बजे तक चले आंदोलन के दौरान कोयला परिवहन रोक दिया गया और उत्पादन पूरी तरह ठप रहा।आंदोलन के बाद एसईसीएल प्रबंधन ने हटाए गए सभी 32 मजदूरों को काम पर वापस लेने की लिखित घोषणा की। साथ ही ठेका श्रमिकों की अन्य समस्याओं के समाधान को लेकर भी आश्वासन दिया गया। इसके बाद किसान सभा ने खदान बंद आंदोलन वापस ले लिया।


किसान सभा की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आंदोलन के बाद प्रबंधन की ओर से निम्नलिखित आश्वासन दिए गए:जेएमएस कंपनी द्वारा हटाए गए सभी 32 कर्मचारियों को तत्काल काम पर बहाल किया गया।जिन प्रभावितों का वीटीसी (प्रशिक्षण) कराया गया है, उन्हें खदान में काम पर नियोजित करने का आश्वासन दिया गया।सभी ठेका कर्मचारियों को सात तारीख तक मजदूरी भुगतान करने की बात कही गई। हालांकि, विज्ञप्ति में इस तारीख के महीने का स्पष्ट उल्लेख नहीं है।काम से बैठाए गए दिनों की मजदूरी के भुगतान के संबंध में उच्चाधिकारियों से चर्चा करने का आश्वासन दिया गया।छत्तीसगढ़ किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष प्रशांत झा और कोरबा जिला सचिव दीपक साहू ने कहा कि मजदूरों के अधिकारों की रक्षा और खनन प्रभावित परिवारों की मांगों को लेकर संगठन आगे भी संघर्ष जारी रखेगा।स्रोत: छत्तीसगढ़ किसान सभा की
प्रेस विज्ञप्ति, 13 अक्टूबर 2026।
