संदीप सिंह जमुई संपादक skn bharat



30 जुलाई से 28 अगस्त तक तीन पालियों में होगी निगरानी, कार्यपालक दंडाधिकारी ब्रजेश कुमार दीपक रहेंगे वरीय प्रभार में।

जमुई। विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 के दौरान विधि-व्यवस्था एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने को लेकर जमुई अनुमंडल प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है। अनुमंडल पदाधिकारी, जमुई के आदेश पर अनुमंडल कार्यालय प्रकोष्ठ में विशेष नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) स्थापित किया गया है। यह नियंत्रण कक्ष 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक 24 घंटे तीन पालियों में लगातार कार्यरत रहेगा।हर पल की सूचना पर रहेगी नजरनियंत्रण कक्ष का दूरभाष नंबर 06345-222006 जारी किया गया है। तैनात कर्मी संबंधित बीडीओ, सीओ, थानाध्यक्षों एवं दंडाधिकारियों से लगातार संपर्क कर मेला क्षेत्र की स्थिति की जानकारी प्राप्त करेंगे और उसे निर्धारित पंजी में दर्ज करेंगे।किसी भी प्रकार की आपात स्थिति अथवा महत्वपूर्ण सूचना मिलने पर तत्काल वरीय अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।दो चरणों में अधिकारियों-कर्मियों की तैनातीनियंत्रण कक्ष को निर्बाध रूप से संचालित करने के लिए अधिकारियों एवं कर्मियों की प्रतिनियुक्ति दो चरणों में की गई है। पहला चरण 30 जुलाई से 14 अगस्त तथा दूसरा चरण 15 अगस्त से 28 अगस्त तक रहेगा। प्रत्येक चरण में तीन-तीन पालियों में कर्मियों की ड्यूटी निर्धारित की गई है।प्रथम चरण में सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे की पाली में प्रभात कुमार सिन्हा एवं दिलीप कुमार दास, दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे की पाली में दीपक पाण्डेय एवं रमेश कुमार सिंह तथा रात 10 बजे से सुबह 6 बजे की पाली में राहुल कुमार गुप्ता एवं संजय कुमार की प्रतिनियुक्ति की गई है।दूसरे चरण में सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे की पाली में सितेश रंजन एवं संजय कुमार कुशवाहा, दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे की पाली में रोशन कुमार दास एवं अजय कुमार तथा रात 10 बजे से सुबह 6 बजे की पाली में मो. आसिफ अली एवं रमेश भारती की ड्यूटी लगाई गई है।ब्रजेश कुमार दीपक होंगे वरीय प्रभारीअनुमंडल नियंत्रण कक्ष के वरीय प्रभार में कार्यपालक दंडाधिकारी ब्रजेश कुमार दीपक को नियुक्त किया गया है। प्रशासन की ओर से नियंत्रण कक्ष में निर्बाध प्रकाश, पेयजल तथा अभिलेखों के संधारण के लिए आवश्यक पंजी सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।श्रावणी मेला के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं कांवरियों के जमुई पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन का यह 24 घंटे सक्रिय नियंत्रण कक्ष सुरक्षा, विधि-व्यवस्था और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था की अहम कड़ी साबित होगा।
