
झाझा के चोरिकवा गांव में वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी, उद्घाटन समारोह में अख्तरुल ईमान समेत कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद।

जमुई। झाझा प्रखंड के चोरिकवा गांव में वर्षों से लंबित पुल निर्माण की मांग आखिरकार एक निजी पहल से पूरी हो गई। गांव के लोगों को आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए समाजसेवी सरफ़राज़ अंसारी ने अपने निजी खर्च पर पुल का निर्माण कराया। पुल के तैयार होने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है, वहीं इस घटना ने ग्रामीण विकास कार्यों और सरकारी व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।बताया जाता है कि चोरिकवा गांव के लोग लंबे समय से पुल निर्माण की मांग कर रहे थे, लेकिन सरकारी स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं होने के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में सरफ़राज़ अंसारी ने अपने निजी संसाधनों से पुल का निर्माण कराकर लोगों की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान किया।पुल का उद्घाटन एक समारोह के दौरान किया गया, जिसमें AIMIM बिहार प्रदेश अध्यक्ष सह अमौर विधायक अख्तरुल ईमान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में विधायक गुलाम सरवर, विधायक सरवर आलम सहित कई जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।ग्रामीणों ने पुल निर्माण के लिए सरफ़राज़ अंसारी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे जनहित में बड़ा कदम बताया। वहीं स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी रही कि जिस कार्य को सरकार और प्रशासन को करना चाहिए था, वह एक नागरिक को अपने निजी खर्च से करना पड़ा।इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि इस संबंध में प्रशासन या संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इस पूरे मामले में प्रशासन की चुप्पी भी कई सवाल खड़े कर रही है।”
