
संपादकीय | सच बोलने वाली पत्रकारिता का सम्मान.
पत्रकारिता केवल खबरों का संकलन नहीं, बल्कि समाज के प्रति जवाबदेही और सच के पक्ष में खड़े रहने का दायित्व भी है। ऐसे दौर में जब निष्पक्ष और जनपक्षधर पत्रकारिता अनेक चुनौतियों का सामना कर रही है, वरिष्ठ संपादक राजेंद्र शर्मा को वर्ष 2026 के ‘लोकजतन सम्मान’ से सम्मानित किया जाना भारतीय पत्रकारिता के लिए एक महत्वपूर्ण और प्रेरक क्षण है।
लगभग पाँच दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय राजेंद्र शर्मा ने अपनी लेखनी को हमेशा जनसरोकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पित रखा है। 1979 में अपनी पत्रकारिता यात्रा शुरू करने वाले राजेंद्र शर्मा आज भी अपनी बेबाक, तथ्यपरक और विश्लेषणात्मक लेखनी के लिए देशभर में सम्मानित हैं। उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक विषयों को सरल भाषा में आम पाठकों तक पहुँचाने का उल्लेखनीय कार्य किया है।
‘लोकलहर’ के संपादक के रूप में उनकी भूमिका हो या विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं और समाचार माध्यमों में नियमित लेखन, उन्होंने हमेशा सच और जनहित को प्राथमिकता दी है। उनके संपादन में प्रकाशित अनेक पुस्तकें और उनके लेख-संग्रह उनकी वैचारिक प्रतिबद्धता के सशक्त प्रमाण हैं।
‘लोकजतन सम्मान’ केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि उन पत्रकारों के साहस का सम्मान है जो कठिन परिस्थितियों में भी सच लिखने का संकल्प निभाते हैं। यह सम्मान 24 जुलाई को भोपाल में ‘लोकजतन’ के संस्थापक-संपादक शैलेन्द्र शैली की जयंती पर प्रदान किया जाएगा। इससे पहले भी अनेक प्रतिष्ठित और जनपक्षधर पत्रकार इस सम्मान से सम्मानित हो चुके हैं।
आज जब पत्रकारिता की विश्वसनीयता और स्वतंत्रता पर लगातार प्रश्न उठ रहे हैं, ऐसे समय में राजेंद्र शर्मा का सम्मान नई पीढ़ी के पत्रकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। यह सम्मान इस बात का भी संदेश है कि सच्ची पत्रकारिता की पहचान उसके साहस, ईमानदारी और जनपक्षधरता से होती है, न कि सत्ता के करीब होने से।
— संपादक
एसकेएन भारत – सच की नज़र

