

जून 2026 में वैश्विक समुद्री तनाव के बीच चार भारतीय नाविकों की मौत ने समुद्री सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एफएसयूआई ने भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से सुरक्षा बढ़ाने, निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।

समुद्री संघर्ष की भेंट चढ़े चार भारतीय नाविक, वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल।
नई दिल्ली। वैश्विक समुद्री मार्गों पर बढ़ते सैन्य तनाव के बीच जून 2026 में चार भारतीय समुद्री कर्मचारियों की मौत ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तीन भारतीय नाविक ओमान की खाड़ी के पास तेल टैंकर पर हुए हमले में मारे गए, जबकि एक अन्य नाविक की समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने से जान चली गई।फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया (एफएसयूआई) ने इन घटनाओं को गंभीर मानते हुए भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से उच्च जोखिम वाले समुद्री क्षेत्रों में भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, मृतक परिवारों को उचित मुआवजा देने तथा मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।यूनियन का कहना है कि दुनिया का अधिकांश व्यापार समुद्री मार्गों से होता है और भारतीय नाविक इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी नाविक को युद्ध, लापरवाही या संस्थागत विफलता का शिकार न होना पड़े।
