
पेड़ा का स्वाद चखकर गुणवत्ता की सराहना, नवलखा गढ़ के विकास और स्थानीय उद्योग को बढ़ावा देने की भी बनी रणनीति.।


जमुई के घनवेरिया के मशहूर पेड़ा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने पेड़ा दुकानों का निरीक्षण कर दुकानदारों से आत्मीय संवाद किया। डीएम ने स्वयं पेड़ा बनाने की प्रक्रिया देखी, स्वाद चखा और इसे GI (भौगोलिक संकेत) टैग दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास का भरोसा दिया। साथ ही, नवलखा गढ़ के संरक्षण और क्षेत्र को पर्यटन एवं स्थानीय उद्योग के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना बनाने की घोषणा भी की।

:घनवेरिया के प्रसिद्ध पेड़ा को मिलेगी नई पहचान, डीएम-एसपी ने किया निरीक्षण; GI टैग दिलाने का दिया भरोसाउप-शीर्षक:पेड़ा का स्वाद चखकर गुणवत्ता की सराहना,
नवलखा गढ़ के संरक्षण और पर्यटन विकास की भी बनी रणनीतिजमुई। जमुई जिले के प्रसिद्ध घनवेरिया पेड़ा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। मंगलवार को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने घनवेरिया स्थित प्रसिद्ध पेड़ा दुकानों का निरीक्षण किया तथा दुकानदारों और कारीगरों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना। इस दौरान जिलाधिकारी ने घनवेरिया के पेड़ा को जीआई (भौगोलिक संकेत) टैग दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का भरोसा दिया।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न दुकानों पर जाकर पारंपरिक तरीके से पेड़ा बनाने की प्रक्रिया को करीब से देखा। उन्होंने स्वयं पेड़ा बनाने की विधि को समझा और पेड़े का स्वाद चखकर उसकी गुणवत्ता, मिठास और सुगंध की सराहना की। उन्होंने कहा कि घनवेरिया का पेड़ा केवल स्थानीय मिठाई नहीं, बल्कि जमुई की पहचान है और इसे देश-दुनिया में एक विशिष्ट ब्रांड के रूप में स्थापित करने के लिए जिला प्रशासन गंभीरता से कार्य करेगा।जिलाधिकारी ने कहा कि घनवेरिया की भौगोलिक स्थिति पर्यटन और व्यापार की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। यह मार्ग गिद्धेश्वर मंदिर, गरही डैम और भगवान महावीर की जन्मस्थली को जोड़ता है। ऐसे में यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बड़ा बाजार मिल सकता है। उन्होंने दुकानदारों से उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखने और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की अपील की।वहीं, पुलिस अधीक्षक ने भी दुकानों और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने व्यापारियों से शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि स्वच्छ वातावरण और अच्छा व्यवहार ही पर्यटकों पर सकारात्मक प्रभाव छोड़ता है।निरीक्षण के दौरान स्थानीय ग्रामीणों और प्रबुद्ध नागरिकों ने जिलाधिकारी को घनवेरिया के समीप स्थित ऐतिहासिक नवलखा गढ़ के संरक्षण और विकास की मांग से अवगत कराया। ग्रामीणों ने इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का आग्रह किया। इस पर जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि जल्द ही स्थानीय लोगों के साथ बैठक कर नवलखा गढ़ के संरक्षण, पर्यटन विकास और घनवेरिया के पेड़ा उद्योग को व्यापक स्वरूप देने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी।जिलाधिकारी की इस संवेदनशील और ज़मीनी कार्यशैली से स्थानीय दुकानदारों, कारीगरों और ग्रामीणों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। लोगों ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन की इस पहल से घनवेरिया का प्रसिद्ध पेड़ा नई पहचान हासिल करेगा और क्षेत्र में रोजगार, पर्यटन तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।

