
मुख्य सचिव ने की टीबी उन्मूलन अभियान की समीक्षा, जमुई के प्रयासों की सराहना; स्क्रीनिंग के बाद जांच और उपचार में तेजी लाने के निर्देश।

जमुई: बिहार को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को लेकर बुधवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ की राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जमुई के जिला पदाधिकारी एवं असैनिक शल्यचिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (सिविल सर्जन) ने भाग लेकर जिले में चल रहे टीबी उन्मूलन अभियान की प्रगति और उपलब्धियों की जानकारी दी।बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने जमुई जिले में टीबी मरीजों की पहचान, उपचार और निगरानी के लिए जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने जिला पदाधिकारी के नेतृत्व में चल रहे अभियान की प्रशंसा करते हुए इसकी रफ्तार और तेज करने का निर्देश दिया।मुख्य सचिव ने कहा कि ‘टीबी मुक्त बिहार अभियान’ की सफलता तभी संभव है, जब प्रत्येक चिन्हित मरीज का समय पर उपचार सुनिश्चित हो। उन्होंने संवेदनशील (वल्नरेबल) आबादी के शत-प्रतिशत एक्स-रे और ट्रूनैट जांच कराने, संक्रमित मरीजों का तत्काल इलाज शुरू करने तथा संक्रमण की रोकथाम के लिए मरीजों के परिजनों को प्रिवेंटिव मेडिसिन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही इलाजरत मरीजों को ‘निक्षय मित्र’ योजना के तहत नियमित पोषण सहायता देने पर भी जोर दिया।स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, जमुई जिले में अब तक 1,30,215 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इनमें 88,368 लोगों को संवेदनशील श्रेणी में चिन्हित किया गया है। मुख्य सचिव ने स्क्रीनिंग कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन चिन्हित आबादी के अनुपात में एक्स-रे और ट्रूनैट जांच की गति बढ़ाने की आवश्यकता बताई।समीक्षा बैठक के बाद जिला पदाधिकारी ने जिले के सभी नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि टीबी पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है, बशर्ते समय पर जांच और इलाज कराया जाए। उन्होंने लोगों से अपने आसपास आयोजित स्वास्थ्य शिविरों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं सरकारी अस्पतालों में जाकर निःशुल्क टीबी जांच कराने तथा अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।जिला पदाधिकारी ने कहा कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ आम जनता की सहभागिता से ही जमुई को टीबी मुक्त जिला बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने सभी जिलेवासियों से सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए इस जनस्वास्थ्य अभियान को सफल बनाने में सहयोग देने की अपील की।


