‘नीति तारा’ से बदलेगी जमुई की विकास तस्वीर, आकांक्षी जिलों व प्रखंडों को मिलेगी नई रफ्तार।

संदीप कुमार सिंह | सिमुलतला, जमुई।

डेटा के दम पर तेज होगा जमुई का विकास, ‘नीति तारा’ प्लेटफॉर्म पर अधिकारियों को मिला प्रशिक्षण

समाहरणालय में एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित, अधिकारियों को दिया गया डिजिटल प्रशिक्षण।

जमुई। आकांक्षी जिला एवं आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम को और अधिक परिणामोन्मुख बनाने तथा विकास योजनाओं की साक्ष्य आधारित मॉनिटरिंग को प्रभावी करने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। नीति आयोग, भारत सरकार एवं जिला प्रशासन, जमुई के संयुक्त तत्वावधान में समाहरणालय सभाकक्ष में ‘नीति तारा’ प्लेटफॉर्म को लेकर एकदिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।कार्यशाला का शुभारंभ जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार उप विकास आयुक्त श्री सुभाष चंद्र मंडल एवं जिला पंचायत राज पदाधिकारी श्री बिरेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से किया।प्रशिक्षण के दौरान मुख्य प्रशिक्षक श्री सुमंत कुमार ने ‘नीति तारा’ प्लेटफॉर्म की विस्तृत जानकारी अधिकारियों को दी। ऑडियो-विजुअल माध्यम से प्लेटफॉर्म की कार्यप्रणाली समझाते हुए बताया गया कि यह डिजिटल टूल वस्तुनिष्ठ डेटा विश्लेषण, प्रदर्शन की सटीक समीक्षा और योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग में अहम भूमिका निभाएगा।पांच प्रमुख क्षेत्रों पर रहेगा फोकस‘नीति तारा’ के माध्यम से आकांक्षी जिला एवं प्रखंडों में विकास की स्थिति का डेटा आधारित मूल्यांकन किया जाएगा। इसके तहत मुख्य रूप से स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं जल संसाधन, वित्तीय समावेशन तथा बुनियादी ढांचे जैसे पांच प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।कार्यशाला में अधिकारियों को प्रदर्शन संबंधी आंकड़ों का सूक्ष्म विश्लेषण करने, धरातल पर मौजूद कमियों और अंतर की पहचान करने तथा निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए समयबद्ध सुधारात्मक कार्रवाई करने का प्रशिक्षण दिया गया।चार आकांक्षी प्रखंडों के अधिकारी हुए शामिलकार्यशाला में वरीय उपसमाहर्ता श्री सावन, जिला योजना पदाधिकारी, जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी श्री दीपू पटेल एवं जिला समन्वयक भरत कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।इसके अलावा जमुई जिले के चयनित चार आकांक्षी प्रखंडों खैरा, बरहट, लक्ष्मीपुर एवं सोनो के प्रखंड विकास पदाधिकारियों समेत विभिन्न विभागों के जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों ने प्रशिक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाई।प्रशासन का मानना है कि ‘नीति तारा’ जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग से योजनाओं की प्रगति की निगरानी अधिक पारदर्शी और सटीक होगी तथा विकास कार्यों में सामने आने वाली कमियों को समय रहते चिन्हित कर सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे।

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