





‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान का जमुई में शुभारंभ, डीएम ने मीडिया और आमजन से इसे जन-आंदोलन बनाने की अपील की।

रिपोर्ट संदीप कुमार सिंह जमुई SKN Bharat
जमुई। वर्ष 2047 तक भारत को सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से रविवार को समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान का जिलास्तरीय शुभारंभ किया गया। बिहार सरकार के परिवहन मंत्री दामोदर रावत की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में जिला प्रशासन के वरीय पदाधिकारियों, शिक्षकों, छात्र-छात्राओं, नेहरू युवा केंद्र एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय संबोधन का सामूहिक रूप से सीधा प्रसारण देखा और सुना गया। इसके बाद उपस्थित लोगों ने नशामुक्त, स्वस्थ एवं अनुशासित जीवनशैली अपनाने तथा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने की सामूहिक शपथ ली।नशे की शुरुआत आकर्षक, लेकिन अंजाम तबाही : डीएमजिला पदाधिकारी ने छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद करते हुए नशे के दुष्प्रभावों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि नशे की शुरुआत भले ही आकर्षक प्रतीत हो, लेकिन धीरे-धीरे यह व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और भविष्य को तबाही की ओर ले जाती है। युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है और इसे नशे की गिरफ्त में जाने से बचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।उन्होंने युवाओं को भारतीय संविधान में प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी असहमति या विरोध को व्यक्त करने के लिए उचित और संवैधानिक मंच का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन उसके साथ संवैधानिक मर्यादा और जिम्मेदारी का पालन भी जरूरी है।रील की चमक के पीछे छिपे अवसाद से रहें सावधानसोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव पर भी डीएम ने युवाओं को सावधान किया। उन्होंने कहा कि रील और आभासी दुनिया में दिखाई देने वाली हर चमक-दमक वास्तविक नहीं होती। उसके पीछे कई बार गहरा अवसाद और मानसिक परेशानी छिपी हो सकती है। अंधी नकल के कारण आभासी दुनिया की कई बुराइयां वास्तविक समाज को भी प्रभावित कर रही हैं।उन्होंने विद्यार्थियों से मोबाइल और सोशल मीडिया का उपयोग पूर्ण विवेक, संयम और सतर्कता के साथ करने की अपील की।युवा स्वस्थ होंगे, तभी विकसित भारत का सपना होगा साकारकार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसकी युवा शक्ति की सोच, क्षमता और दिशा पर निर्भर करती है। वर्ष 2047 के विकसित भारत के निर्माण में युवा वर्तमान के सहभागी और भविष्य के निर्माता हैं।विकास केवल सड़क, भवन और आधारभूत संरचनाओं तक सीमित नहीं है। वास्तविक और टिकाऊ विकास के लिए देश के युवाओं का तन, मन और विचारों से स्वस्थ एवं जागरूक होना जरूरी है। नशा युवा ऊर्जा को भीतर से कमजोर करता है। इसलिए नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की मजबूत नींव बन सकते हैं।नुक्कड़ नाटक से दिया नशामुक्ति का संदेशअभियान को केवल भाषण और शपथ तक सीमित न रखते हुए समाहरणालय परिसर में लोक कलाकारों की टीम ने नशामुक्ति पर आधारित प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। कलाकारों ने नाटक के माध्यम से दिखाया कि किस प्रकार नशे की लत एक युवा के साथ-साथ पूरे परिवार के सपनों और भविष्य को बर्बाद कर सकती है।प्रस्तुति के बाद जिला पदाधिकारी ने कलाकारों एवं टीम के सदस्यों का उत्साहवर्धन किया तथा उन्हें आम लोगों के बीच जाकर नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए रवाना किया।‘माय भारत’ पोर्टल से जुड़ने की अपीलजिला प्रशासन ने जिले के युवाओं से नशे को त्यागकर अनुशासित, ऊर्जावान और उद्देश्यपूर्ण जीवनशैली अपनाने की अपील की। साथ ही युवाओं से भारत सरकार के आधिकारिक ‘माय भारत’ डिजिटल पोर्टल पर पंजीकरण कर नशामुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित जागरूकता रैलियों, खेल प्रतियोगिताओं, सामाजिक अभियानों तथा ऑनलाइन गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया।मीडिया और आमजन से अभियान को जन-आंदोलन बनाने की अपीलजिला प्रशासन ने जिले के मीडिया प्रतिनिधियों, समाजसेवियों और आम नागरिकों से अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की। प्रशासन ने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। समाचार पत्रों, समाचार चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नशामुक्ति के संदेश तथा ‘माय भारत’ पोर्टल की जानकारी जिले के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाई जाए।प्रशासन ने कहा कि सामूहिक प्रयास से ही नशामुक्ति अभियान को वृहद जन-आंदोलन का रूप दिया जा सकता है और जमुई को एक नशामुक्त, सशक्त एवं आदर्श जिला बनाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
