




कनौदी स्थित सीडब्ल्यूएस केंद्र में जागरूकता कार्यक्रम, छह माह तक केवल माँ का दूध पिलाने पर विशेषज्ञों ने दिया जोर।

सिमुलतला (जमुई) से संवाददाता बाबर अंसारी।
विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर मंगलवार को सिमुलतला प्रखंड के ग्राम पंचायत कनौदी स्थित सीडब्ल्यूएस (CWS) केंद्र में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गर्भवती एवं धात्री माताओं को स्तनपान के महत्व, शिशु के समुचित पोषण तथा कुपोषण से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।कार्यक्रम में संस्था के फील्ड स्टाफ ने बताया कि नवजात शिशु के जन्म के पहले एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करना उसके जीवन की मजबूत नींव रखने जैसा है। साथ ही जन्म से छह माह तक शिशु को केवल माँ का दूध ही दिया जाना चाहिए। इससे शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, संक्रमण का खतरा कम होता है तथा उसके शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है।वक्ताओं ने कहा कि माँ का दूध शिशु के लिए संपूर्ण एवं प्राकृतिक आहार है, जो उसके स्वस्थ भविष्य की आधारशिला है। इस दौरान माताओं को संतुलित आहार, साफ-सफाई, टीकाकरण और शिशु देखभाल से जुड़ी आवश्यक जानकारियां भी दी गईं तथा स्तनपान को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर किया गया।कार्यक्रम में संस्था के फील्ड स्टाफ, आंगनबाड़ी सेविकाएं, आशा कार्यकर्ता, स्थानीय महिलाएं एवं लाभार्थी माताएं मौजूद रहीं। सभी ने अधिक से अधिक माताओं तक स्तनपान के महत्व का संदेश पहुंचाने का संकल्प लिया।विश्व स्तनपान सप्ताह प्रत्येक वर्ष 1 से 7 अगस्त तक मनाया जाता है। इसका उद्देश्य स्तनपान को बढ़ावा देकर नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य में सुधार लाना, कुपोषण को कम करना तथा मातृ-शिशु स्वास्थ्य के प्रति समाज को जागरूक बनाना है।
