
जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में “उद्योग समाधान समीक्षा” का हुआ आयोजन; विभिन्न उद्योगों की समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट हुआ निपटारा।जमुई: स्थानीय एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए उद्योगों की समस्याओं के त्वरित एवं समयबद्ध निराकरण हेतु आज जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में ”उद्योग समाधान समीक्षा ” का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों सहित अपर समाहर्ता, भूमि उपसमाहर्ता, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक एवं विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस समीक्षा का मुख्य उद्देश्य जमुई जिले के अंतर्गत संचालित एवं प्रस्तावित उद्योगों को आ रही प्रशासनिक, भूमि संबंधी तथा तकनीकी अड़चनों को दूर कर जिले में निवेश और रोजगार के अनुकूल माहौल को सुदृढ़ करना था।इस समीक्षा के दौरान मुख्य रूप से दो प्रमुख औद्योगिक इकाइयों द्वारा अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखी गईं, जिन पर जिलाधिकारी द्वारा त्वरित समाधान की दिशा में पहल की गई। इसके अंतर्गत श्री लांगटा बाबा प्राईवेट लिमिटेड द्वारा उद्योग स्थापना हेतु भूमि अधिग्रहण में आ रही समस्याओं से जिला पदाधिकारी को अवगत कराया गया। जिसपर जिला पदाधिकारी द्वारा समाधान हेतु पूर्ण आश्वस्त किया गया एवं मौके पर ही उपस्थित अपर समाहर्ता और संबंधित भूमि उपसमाहर्ता को निर्देश दिए कि वे स्थलीय निरीक्षण कर आपसी समन्वय स्थापित करते हुए इस भूमि अधिग्रहण की समस्या का समाधान आगामी 15 अगस्त 2026 तक हर हाल में सुनिश्चित करें।इसी क्रम में अंकुर बायोकेम एथॉर्नॉल प्राईवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र के लंबित होने का मामला उठाया गया। इस पर जिला पदाधिकारी द्वारा त्वरित समाधान करते हुए संबंधित फाइलों की तुरंत गहन समीक्षा की गई तथा ऑन-द-स्पॉट निर्णय लेते हुए एनओसी से जुड़ी सभी लंबित अड़चनों को मौके पर ही सुलझाकर मामले का तत्काल निष्पादन कर दिया गया।जिले में औद्योगिक विकास को नई गति देने और भविष्य में इस प्रकार की लंबित समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए जिला पदाधिकारी द्वारा एक ऐतिहासिक नीतिगत निर्णय भी लिया गया है। उन्होंने जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक को निर्देशित किया है कि अब से प्रत्येक माह के द्वितीय बुधवार को अनिवार्य रूप से जिला स्तर पर इस “उद्योग समाधान समीक्षा” का आयोजन सुनिश्चित किया जाए। इस नियमित मासिक समीक्षा में जिला प्रशासन के स्तर पर लंबित सभी प्रकार के औद्योगिक मामलों एवं समस्याओं की विस्तृत समीक्षा की जाएगी तथा उनका त्वरित निवारण किया जाएगा ताकि किसी भी उद्योग को प्रशासनिक स्तर पर अनावश्यक विलंब का सामना न करना पड़े और जिले का औद्योगिक निवेश का परिदृश्य सुगम बना रहे।

