





संदीप कुमार सिंह जमुई skn bharat संपादक
तमिलनाडु समेत कई राज्यों से पहुंचे तीर्थयात्रियों ने जमुई प्रशासन के आतिथ्य और सुरक्षा व्यवस्था की जमकर सराहना की।

जमुई। जिले को धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने और देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने मलयपुर स्थित भगवान महावीर की पावन ज्ञान प्राप्ति स्थली का भ्रमण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।इस दौरान डीएम और एसपी ने परिसर में आयोजित संध्या आरती में श्रद्धाभाव से भाग लिया। भगवान महावीर की पूजा-अर्चना कर जिले में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।आरती के बाद जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं से सीधा संवाद किया। विशेष रूप से तमिलनाडु सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए तीर्थयात्रियों से सुरक्षा, ठहराव, साफ-सफाई एवं अन्य नागरिक सुविधाओं के संबंध में फीडबैक लिया गया।प्रशासनिक अधिकारियों को अपने बीच पाकर श्रद्धालुओं ने जमुई प्रशासन के संवेदनशील व्यवहार की सराहना की। तीर्थयात्रियों ने कहा कि जमुई में उन्हें आध्यात्मिक अनुभव के साथ-साथ स्थानीय लोगों और प्रशासन का सौहार्दपूर्ण व्यवहार भी मिला है। उन्होंने जिला प्रशासन की आतिथ्य व्यवस्था, सुरक्षा और सुविधाओं की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।ज्ञानस्थली के आसपास सुरक्षा बढ़ाने का निर्देशश्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस अधीक्षक ने मलयपुर थानाध्यक्ष को ज्ञान प्राप्ति स्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में लगातार पुलिस गश्ती और कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित और सुगम वातावरण उपलब्ध कराया जाना प्रशासन की प्राथमिकता है।जिला प्रशासन ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्द्धन को लेकर गंभीर है। जिला पदाधिकारी के मार्गदर्शन में जमुई में पर्यटन की संभावनाओं को धरातल पर उतारने तथा आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं।प्रशासन का उद्देश्य जमुई आने वाले प्रत्येक पर्यटक और तीर्थयात्री को बेहतर एवं यादगार अनुभव उपलब्ध कराने के साथ-साथ पर्यटन के माध्यम से स्थानीय रोजगार, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देना है।
