अग्नि सुरक्षा में लापरवाही पड़ी भारी तो होगी सीलिंग और प्राथमिकी
जमुई में अस्पतालों और होटलों पर प्रशासन की पैनी नजर, फायर ऑडिट अभियान तेज
जमुई, 08 जून। दिल्ली और मुजफ्फरपुर में हुए भीषण अग्निकांडों के बाद जमुई जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जिला पदाधिकारी नवीन के निर्देश पर जिले भर में अस्पतालों, होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सघन अग्नि सुरक्षा अंकेक्षण अभियान लगातार चलाया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जनजीवन से जुड़े संस्थानों में सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।सोमवार को अनुमंडल अग्निशामालय जमुई की विशेष टीम ने शहर के कई अस्पतालों और होटलों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान माँ नेतुला सेवा सदन, आर.के.एम. सेवा सदन, होटल ऊषा नंद और होटल अतिथि पैलेस समेत कई प्रतिष्ठानों में अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास द्वारों, जल आपूर्ति व्यवस्था और विद्युत सुरक्षा मानकों की गहन जांच की गई।निरीक्षण के दौरान जहां-जहां कमियां पाई गईं, वहां संस्थान संचालकों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। साथ ही भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की जवाबदेही तय करने के लिए स्वघोषणा पत्र भी भरवाया गया।जिला प्रशासन ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि किसी भी संस्थान में अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी पाई गई तो उसके खिलाफ सीलिंग, प्राथमिकी और अन्य कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।जिला प्रशासन ने अस्पताल, नर्सिंग होम, कोचिंग संस्थान, होटल, मॉल और सिनेमा हॉल संचालकों से अपील की है कि वे अपने परिसरों में नियमित सुरक्षा ऑडिट कराएं, अग्निशमन उपकरणों को क्रियाशील रखें तथा कर्मचारियों को आपदा से निपटने का प्रशिक्षण दें।छोटी सी सतर्कता, बड़े हादसे से बचाव — इसी संदेश के साथ जमुई प्रशासन का यह अभियान पूरे जिले में लगातार जारी रहेगा।



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