
एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे 23 विपक्षी दल।
नई दिल्ली। देश की 23 विपक्षी पार्टियों ने मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। संयुक्त पत्र में विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि मौजूदा प्रक्रिया से लाखों मतदाताओं के मताधिकार पर असर पड़ सकता है और लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने अदालत से तत्काल हस्तक्षेप कर एसआईआर प्रक्रिया की न्यायिक समीक्षा कराने की मांग की है।विपक्षी दलों ने अपने पत्र में चुनाव आयोग की निष्पक्षता और स्वतंत्रता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं, जिससे गरीब, वंचित और कमजोर वर्गों के मताधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि समय रहते हस्तक्षेप नहीं हुआ तो आगामी चुनावों की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न खड़े हो सकते हैं। विपक्ष ने सर्वोच्च न्यायालय से संविधान के अनुरूप सभी पात्र मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।दूसरी ओर, चुनाव आयोग का कहना है कि विशेष सघन पुनरीक्षण का उद्देश्य केवल मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है तथा पूरी प्रक्रिया कानून और निर्धारित नियमों के तहत संचालित की जा रही है।अब इस मुद्दे पर सर्वोच्च न्यायालय की प्रतिक्रिया और संभावित सुनवाई पर देशभर की निगाहें टिकी हैं।

