
जमुई। सोशल मीडिया पर +2 उच्च विद्यालय, गरही के प्रधानाध्यापक द्वारा छात्राओं का हिजाब हटाए जाने से संबंधित वायरल खबर को शिक्षा विभाग ने भ्रामक बताया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) के स्तर से जांच कराई गई।

जांच के दौरान सामने आया कि विद्यालय में विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए डिजिटल अटेंडेंस की व्यवस्था के तहत फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS) लागू किया गया है। इसी तकनीकी प्रक्रिया के तहत सिस्टम में चेहरे की स्पष्ट पहचान के लिए तस्वीर ली जा रही थी। शिक्षा विभाग के अनुसार, इस प्रक्रिया को गलत संदर्भ में प्रस्तुत कर सोशल मीडिया पर ऐसी खबर प्रसारित की गई, जिससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई।विभाग ने स्पष्ट किया कि डिजिटल उपस्थिति दर्ज करने की यह तकनीकी प्रक्रिया किसी की धार्मिक भावना को आहत करने के उद्देश्य से नहीं की गई थी। विभाग की ओर से मामले की जांच के बाद वायरल खबर को तथ्यहीन एवं भ्रामक बताया गया है।शिक्षा विभाग ने मीडिया प्रतिनिधियों से अपील की है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बिना तथ्यों की पुष्टि किए ऐसी खबरों का प्रसार न करें। जिन लोगों अथवा सोशल मीडिया पेजों द्वारा बिना सत्यापन के उक्त खबर साझा की गई है, उनसे भी समाजहित में उसे अपने सोशल मीडिया हैंडल से हटाने की अपील की गई है।विभाग ने कहा कि किसी धर्म अथवा समुदाय की भावनाओं को प्रभावित करने वाली खबरों को बिना प्रमाणिकता के प्रसारित करना पत्रकारिता के नैतिक मानकों के अनुरूप नहीं है। सभी से अपील की गई है कि तथ्यों की पुष्टि के बाद ही सूचनाओं का प्रसार करें तथा शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारा बनाए रखने में सहयोग करें।
