





जमुई, 15 अगस्त 2026। स्वतंत्रता दिवस का पावन अवसर जमुई जिले के पूर्व में अति नक्सल प्रभावित रहे सुदूर क्षेत्र गुरमाहा के लिए ऐतिहासिक बन गया। जिला प्रशासन के निरंतर सकारात्मक प्रयासों के परिणामस्वरूप आजादी के दशकों बाद पहली बार गुरमाहा में आधिकारिक रूप से राष्ट्रीय ध्वज पूरे आन-बान-शान के साथ फहराया गया।

इस अवसर पर जिला प्रशासन के प्रतिनिधि के रूप में प्रखंड कृषि पदाधिकारी, बरहट ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ गुरमाहा पहुंचकर झंडारोहण कार्यक्रम संपन्न कराया। तिरंगा लहराते ही वहां मौजूद बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के चेहरों पर भय की जगह गर्व, राष्ट्रभक्ति और उत्साह साफ नजर आया। ग्रामीणों ने बिना किसी भय के राष्ट्रध्वज और मातृभूमि के प्रति सम्मान एवं देशभक्ति की भावना व्यक्त की।गुरमाहा का यह मैदान कभी नक्सली गतिविधियों का प्रमुख केंद्र माना जाता था। इसी क्षेत्र में कभी नक्सली प्रशिक्षण और रणनीतिक गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आती रही है। आज उसी मैदान में तिरंगे का लहराना क्षेत्र में बदलते माहौल और शांति की नई शुरुआत का प्रतीक बन गया।कभी नक्सली गतिविधियों के खौफ से प्रभावित रहे इस इलाके में अब सुरक्षा, विकास और प्रशासनिक पहुंच का नया वातावरण तैयार हो रहा है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर गुरमाहा में पहली बार आधिकारिक रूप से तिरंगा फहराया जाना स्थानीय ग्रामीणों के लिए केवल एक समारोह नहीं, बल्कि भय से मुक्ति और लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास की नई अनुभूति का प्रतीक रहा।जिला प्रशासन के प्रयासों से गुरमाहा में शांति और विकास की नई उम्मीद जगी है। जिस धरती पर कभी भय का माहौल था, वहीं आज राष्ट्रध्वज के सम्मान में पूरा वातावरण देशभक्ति से गूंज उठा। यह दृश्य इस बदलाव का संदेश देता है कि विकास, सुरक्षा और लोकतंत्र की रोशनी अब जमुई के सुदूर इलाकों तक पहुंच रही है।
