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जिला प्रशासन और बैंकिंग क्षेत्र के समन्वय से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति : जिलाधिकारी।

मुखिया समन्वय सम्मेलन’ में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार, ऋण वसूली, पीएम सूर्य घर योजना और ‘विकसित बिहार’ के संकल्प पर हुआ मंथन।

जमुई, 24 अगस्त। ग्रामीण आबादी तक बैंकिंग सेवाओं की सहज पहुंच सुनिश्चित करने, सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाने तथा बैंक ऋणों की समयबद्ध अदायगी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बिहार ग्रामीण बैंक, क्षेत्रीय कार्यालय जमुई की ओर से शहर स्थित श्री कृष्णा सिंह मेमोरियल स्टेडियम के रावणेश्वर हॉल में एक दिवसीय ‘मुखिया समन्वय सम्मेलन’ का आयोजन किया गया।सम्मेलन का शुभारंभ जिलाधिकारी श्री नवीन, अपर समाहर्ता रविकांत सिन्हा, जिला पंचायती राज पदाधिकारी श्री वीरेंद्र कुमार, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक श्रीमती लक्ष्मी एक्का, नाबार्ड की जिला विकास प्रबंधक अभिज्ञा श्रीवास्तव, बिहार ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री अमरदीप एवं मुख्य प्रबंधक श्री अभिषेक कुमार की उपस्थिति में हुआ।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सुदृढ़ ग्रामीण अर्थव्यवस्था का निर्माण बैंकिंग संस्थानों और पंचायत प्रतिनिधियों के संयुक्त एवं निरंतर प्रयासों से ही संभव है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पात्र एवं जरूरतमंद नागरिकों को सरकारी योजनाओं और बैंक ऋण सुविधाओं से जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभाएं।उन्होंने कहा कि बैंक ऋण केवल वित्तीय सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनाने का महत्वपूर्ण साधन है। ऋण की समय पर वापसी होने से वही पूंजी दोबारा अन्य जरूरतमंद लोगों को उपलब्ध कराई जा सकती है, जिससे गांवों में आर्थिक गतिविधियों का निरंतर चक्र मजबूत होता है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से ऋण वसूली में प्रशासन और बैंकों को आवश्यक सहयोग देने का आग्रह किया।जिलाधिकारी ने केंद्र सरकार की ‘पीएम सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना’ के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पात्र परिवारों को योजना का लाभ दिलाकर अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा सकता है। इससे ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और ‘विकसित बिहार’ के लक्ष्य को भी गति मिलेगी।बिहार ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री अमरदीप ने बैंक की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण बैंकिंग सेवाएं पहुंचाना बैंक की प्राथमिकताओं में शामिल है। सम्मेलन में पंचायत प्रतिनिधियों को वित्तीय समावेशन, डिजिटल बैंकिंग, कृषि एवं स्वरोजगार ऋण योजनाओं तथा ऋण की समयबद्ध अदायगी के महत्व की जानकारी दी गई।सम्मेलन के दौरान “जनप्रतिनिधि + प्रशासन + बैंक = सशक्त पंचायत एवं मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था” के मूल मंत्र को रेखांकित किया गया। साथ ही वित्तीय समावेशन, स्वरोजगार और ग्रामीण आर्थिक विकास को गति देने के लिए प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों और बैंकिंग संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने का संकल्प लिया गया।कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए मुखिया, पंचायत प्रतिनिधि, बैंक शाखा प्रबंधक एवं बैंक के वरीय अधिकारी मौजूद रहे।

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