कर्नाटक हिस्टेरेक्टॉमी मामला: विकलांग महिलाओं के प्रजनन अधिकार, कानून और मानवीय संवेदनाओं के बीच कठिन संतुलन।
कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले ने फिर उठाए गंभीर सवाल—स्वायत्तता, सूचित सहमति और राज्य की जिम्मेदारी पर नई बहस कर्नाटक उच्च न्यायालय द्वारा गंभीर बौद्धिक अक्षमता से ग्रस्त 23 वर्षीय महिला की हिस्टेरेक्टॉमी (गर्भाशय निकालने की सर्जरी) की अनुमति दिए जाने के बाद पूरे देश में विकलांग महिलाओं के प्रजनन अधिकारों, सूचित सहमति और कानूनी व्यवस्था…
