“छपरा में मुहर्रम के मौके पर ग़म-ए-हुसैन की अनूठी तस्वीर देखने को मिली। मजलिस, नौहा, जंजीरी मातम और सबील के ज़रिए कर्बला के 72 शहीदों को ख़िराज-ए-अकीदत पेश की गई। आइए देखते हैं हमारी यह खास रिपोर्ट।
छपरा | वरिष्ठ संवाददाता सैयद शकील हैदर “ग़म-ए-हुसैन में दो अश्क भी अगर न बहे,फिर ऐसी आँख से हासिल रहे, रहे न रहे।”— ख़ातिब एवं प्रवाचक इक़बाल हसन सलमानमुहर्रम के अवसर पर छपरा शहर पूरी तरह ग़म-ए-हुसैन में डूबा नज़र आया। नई बाज़ार स्थित स्वर्गीय मुबारक हुसैन साहब के इमामबाड़ा में आयोजित मजलिस में हज़रत…
